छत्तीसगढ़ के इन 6 गांवों ने पेश की मिसाल, नशा-जुआ-सट्टे पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

ग्रामीणों ने एकजुट होकर कड़े नियम बनाए, भारी जुर्माना तय किया और 24 घंटे निगरानी की ठोस व्यवस्था खड़ी कर दी।

बालोद. सरकारी अभियानों और पुलिस कार्रवाई के भरोसे बैठने के बजाय बालोद जिले के छह गांवों ने सामाजिक बुराइयों को जड़ से मिटाने की जिम्मेदारी खुद अपने कंधों पर उठा ली है। ग्रामीणों ने एकजुट होकर कड़े नियम बनाए, भारी जुर्माना तय किया और 24 घंटे निगरानी की ठोस व्यवस्था खड़ी कर दी। इस अनूठी सामुदायिक पहल का नतीजा यह है कि घुमका, पोंडी, कुरदी, जगन्नाथपुर, बघमरा और सुरडोंगर-मरकाटोला में अवैध शराब की बिक्री, शराब पीकर हुल्लड़बाजी और जुआ-सट्टा के मामलों पर पूरी तरह से लगाम लग गई है। स्थानीय पुलिस का भी मानना है कि ग्रामीणों की इस कड़ाई से इन क्षेत्रों में अपराध 90 फीसदी तक घट गए हैं।

महिलाएं संभालती हैं कमान

घुमका: यहां 2022 से शराब बेचने और खरीदने पर 51000 रुपए का भारी दंड निर्धारित है। नियम तोड़ने पर पहले पुरुष समझाइश देते हैं; बात न बनने पर महिला समिति कमान संभालती है। इससे महिलाओं में सुरक्षा की भावना बढ़ी है और आसपास के 10 गांव भी इस मॉडल को अपना रहे हैं।

सुरडोंगर-मरकाटोला: वनांचल के इस गांव की ग्रामसभा ने पूर्ण नशाबंदी का प्रस्ताव पास किया है। घर में नशा करते पकड़े जाने पर 3500 रुपए और अवैध शराब बनाने पर 35000 रुपए जुर्माना तय है। सूचना देने वाले को 5000 रुपए का इनाम दिया जाता है। उपसरपंच किशोर कुमार साहू ने उक्त जानकारी दी।

वो दौर जब खुशियाँ महँगी नहीं थीं, और गाँव ही पूरी दुनिया हुआ करता था।” ❤️

जगन्नाथपुर: जगन्नाथपुर (सांकरा) की ग्राम समिति में अध्यक्ष से लेकर सदस्य तक सभी महिलाएं हैं। ग्राम अध्यक्ष कोमिन साहू के नेतृत्व में महिलाओं ने शराबखोरी और हुल्लड़बाजी रोकने के लिए 25000 रुपए का जुर्माना तय किया है।

पोंडी: सरपंच दिनेश्वरी साहू के मुताबिक, तीन साल पहले अवैध शराब और जुआ-सट्टा पर 25000 रुपए जुर्माना लागू किया गया था। नियम तोड़ने वालों से कड़ाई से वसूली की गई, जिसके बाद से ऐसे मामलों पर विराम लग गया।

कुरदी व बघमरा : कुरदी में शराब बेचने पर 10000 और खरीदने पर 15000 रुपए का जुर्माना है। सरपंच संजय कुमार की पहल पर गांव में सीसीटीवी कैमरे लगाकर आधुनिक निगरानी की जा रही है। बघमरा में भी इसी तर्ज पर कड़ाई बरती जा रही है।

पुलिस का दावा… 90% तक घटे अपराध

बालोद थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा का कहना है कि ग्रामीणों की इस सजगता से क्षेत्र में अपराध लगभग 90 प्रतिशत तक कम हो गए हैं। घुमका जैसे गांवों में बीते दो-तीन सालों से अवैध शराब बिक्री का एक भी मामला सामने नहीं आया है। जुआ-सट्टा थमने से सामाजिक माहौल सुधरा है और पुलिस अन्य गांवों को भी इस मॉडल को अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।

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