cg woman news अर्पण ने रोहिणी को दिलाई सातपारा में मददगार दीदी की पहचान

कभी भी मुशि्कलों से घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि नए रास्ते वहीं से बनते है।

रायपुर। अभनपुर ब्लाक के सातपारा गांव की रहने वाली 34 साल की रोहिणी ध्रुव के समुदाय में लड़किया द्यादा पढ़ती नहीं है और यदि ज्यादा पढ़ाई कर ली तो शादी लायक लड़के नहीं मिलेंगे। कुछ ऐसा ही रोहिणी के साथ भी हुआ, लेकिन रोहिणी ने लोगों की मदद करना पसंद किया और वो अब सातपारा गांव की मददगार दीदी के नाम से पहचानी जाती है। लोगों की मदद करना और उस लायक बनना की लोग आपको हर माहौल में याद रखे यह हर इंसान के लिए बड़ी उपलब्धि होती है। रोहिणी ध्रुव ने जो खुद तो पढ़ी साथ ही गांव की कई लड़कियों को पढ़ने और काम करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

अभनपुर की 90 पंचायतों में रोहिणी के काम से उसे पहचाना जाता है। बीते 10 साल से वो अर्पण महिला सेवा समिति के जरिए गांव के लोगों की मदद कर रही हैं। इस दौरान रोहिणी ने अब तक 300 से अधिक महिलाओं को सिलाई सिखाई। अब उनमें से बहुत सी महिलाएं अपने घर में ही घरवालों के कपड़े सिलने लगी तो वहीं कुछ महिलाओं ने सिलाई को अपनी कमाई का जरिया बनाया।

मुख्य बिंदु1. लोगों की मदद करके बनी पहचान।

2. अर्पण की मदद से पहुंची लोगों तक।

3. महिलाओं और लड़कियों की पढ़ाई के लिए करती है मदद।

4. अब तक 300 से अधिक महिलाओं को सिलाई सिखाई।

5. बीते 10 साल से अर्पण महिला सेवा समिति कर रही लोगों की मदद ।

लड़कियों की पढ़ाई के लिए किया काम

रोहिणी बताती हैं कि पहले भी लोगों से जुड़कर मैं उनकी मदद करती थी, लेकिन जब से अर्पण महिला सेवा समिति से जुड़ी तो मुझे काम करने की नई दिशा मिली। एक साल में हमने समिति के जरिए कालेज जाने वाले कई बच्चों खासकर लड़कियों की फीस भरी जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।

नवोदय की परीक्षा की तैयारी

समिति ने इस साल गांव के बेहद गरीब बच्चों के लिए नवोदय स्कूल में एडमिशन के लिए परीक्षा की तैयारी कराई। इसके अलावा कई बच्चों को कापी-पेन और पेसिंल भी उपलब्O कराती है। रोहिणी कहती हैं कि बच्चों की पढ़ाई न रूके इसके लिए 10 साल से समिति काम कर रही हैं। इतने लंबे समय कर काम करने के कारण ही आज मैनपुर, देवभोग, पाटन, गरियाबंद, गुरूर और धमतरी के कई बच्चे पढ़ाई के लिए हमसे संपर्क करते हैं। हमारा सेवा करने का सिलसिला बढ़ रहा हैं।

लोगों तक पहुंच रही मदद

अर्पण महिला सेवा समिति की अध्यक्ष साधना दुग्गड़ कहती हैं कि हम काम तो 12 साल से कर रहे हैं, लेकिन हमारे काम को आगे बढ़ाने में रोहिणी का बहुत सहयोग मिला है। हम लोगों की मदद रोहिणी के जरिए ही कर पाते है। हम लोग गांव की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना चाहते है इसलिए हम गांव में ही अपने कार्य को बढ़ा रहे है‍ं। इसके अलावा हम कुपोषित बच्चों को प्रोटीन पावडर बनाकर निशुल्क बांटते है।

महिलाओं को मिलने लगा काम

रोहिणी ने बताया कि महिलाओं को सिलाई सिखाने के साथ ही समिति उन्हें स्कूल के यूनिफार्म और जैकेट बनाने का कार्य समय-समय पर देती हैं जिससे गांव की महिलाएं आय अर्जित करने लगी हैं। अभी कुछ दिन पहले ही हमने लड़कियों को मेहंदी सिखाई । इसके अलावा कई गांव में जाकर सेनेटरी पेड बाटे भी हैं।

SARITA DUBEY

बीते 24 सालों से पत्रकारिता से जुड़ी है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही है।
Back to top button