नारी शक्ति: आठ महिलाओं ने बदली क्षेत्र की दशा, बनाया बायो गैस संयंत्र..

मुंबई के पाली हिल की आठ महिलाओं ने मिलकर एक साझा सोच के साथ स्थानीय समुदाय के भविष्य को साफ, सुरक्षित और हरित बनाने की राह चुनीं।

डोर टू डोर कचरा संग्रहण

69 वर्षीय मधु पोपलाई बताती हैं आज से करीब 25-26 साल पहले पाली हिल की गलियां कूड़े-करकट से भरी थी, सड़कें टूटी थीं यहां की हालत बहुत खराब थी। 1998 में आठ महिलाओं ने मिलकर एक संगठन बनाया और पूरे क्षेत्र की काया पलटने के लिए अन्य देशों की कॉलोनियों के संबंध में जानकारी एकत्रित की।

बिजली उत्पादन

वह बताती हैं कि उनकी टीम ने 2018 में एक बायोगैस संयंत्र स्थापित किया, जो 1 टन गीले कचरे से लगभग 160 यूनिट ऊर्जा उत्पन्न करता है, जो कि स्ट्रीट लाइट्स चलाने और प्लांट की संचालन लागत को पूरा करता है। अगर संयंत्र के लिए कचरा कम पड़ता है तो टीम के सदस्य आस-पास के रेस्टोरेंट्स से भी कचरा एकत्रित करते हैं। आज पूरे क्षेत्र में हरियाली है।
विरोध भी हुआ

लोगों और प्रशासन से बात की। पहले विरोध हुआ कि महिलाएं क्या कर सकती हैं। फिर लोग तैयार हुए। उन्होंने डोर-टू-डोर कचरा संग्रह और विभाजन की योजना लागू की, जिससे दैनिक डंपिंग लैंड तक जाने वाला कचरा 2.2 टन से घटकर 800 किलो प्रतिदिन हुआ।

SARITA DUBEY

बीते 24 सालों से पत्रकारिता से जुड़ी है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही है।
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