थिंक-एस इम्पैक्ट अवॉर्ड 2025: छत्तीसगढ़ में पहली बार हुआ सीएसआर एक्सीलेंस अवॉर्ड

रायपुर. अलायंस फॉर बिहेवियर चेंज छत्तीसगढ़ और सर्वहितम के संयुक्त तत्वाधान में एनआईटी रायपुर के सह आतिथेय में छत्तीसगढ़ का पहला सीएसआर एक्सीलेंस अवॉर्ड – थिंक-सो इम्पैक्ट अवॉर्ड 2025 का सफल आयोजन कॉन्फ्रेंस हॉल, न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन, रायपुर में सफलतापूर्वक किया गया। यह आयोजन राज्यभर में स्थायी बदलाव ला रही कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) की पहलों को पहचान देने, प्रोत्साहित करने और बेहतर परियोजनाओं को मॉडल बनाने के उद्देश्य से किया गया।


कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए अलायंस के नोडल इन चार्ज मनीष सिंह ने कहा कि वर्ष 2024 में एनआईटी कॉलेज के समारोह में थिंक-सो प्लेटफार्म का सृजन हुआ। इस समारोह में छत्तीसगढ़ का पहला सीएसआर अवार्ड Think So Impact Award 2025 करने की घोषणा हुई । उन्होंने बताया कि इस प्लेटफार्म से CSR की परियोजनाओं को सामाजिक एवं व्यवहार परिवर्तन संचार की दृष्टि में निर्माण करके परिवर्तनकारी बनाना मूल लक्ष्य है । यहाँ अवार्ड के मूल सूचकांक भी इसी के अनुसार निर्मित हुए हैं ।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री राजीव अग्रवाल ने सीएसआर के असली मायने को बताते हुए कहा कि “समाज से जो हम लेते हैं, उसे वापस समाज को देना ही सीएसआर की सच्ची परिभाषा है।” उन्होंने कहा कि अपने औद्योगिक विकास से आगे बढ़कर कंपनियों को समुदाय की वास्तविक आवश्यकताओं पर ध्यान देना चाहिए—जैसे कि बेटियों की शिक्षा, खेल प्रतिभाओं को अवसर, और स्वास्थ्य सेवाओं को केवल भवनों तक सीमित न रखकर प्रशिक्षित स्टाफ़ के साथ मज़बूत करना आदि। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सेमीकंडक्टर जैसे विशिष्ट क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करके राज्य के समग्र विकास में योगदान देने की जानकारी दी।


यूनिसेफ के सोशल एंड बिहेवियर चेंज विशेषज्ञ श्री अभिषेक सिंह ने कहा, “छोटी-सी योगदान भी मायने रखते हैं।” उन्होंने बताया कि प्रभावी सीएसआर को जलवायु परिवर्तन, पोषण, शिक्षा, मातृ स्वास्थ्य और बाल विवाह जैसे सामाजिक मुद्दों जैसी अहम चुनौतियों का समाधान करना चाहिए। उन्होंने कहा, “संवेदनशील होकर किए गए सीएसआर से न केवल शासकीय अनुपालन पूरा होता है, बल्कि कंपनियों का बाज़ार मूल्य 6% तक बढ़ सकता है और उत्पादकता व लाभ में 20% से अधिक की वृद्धि हो सकती है। यह कंपनियों और समाज दोनों के लिए वास्तविक लाभ देता है।”


विशिष्ट अतिथि छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्षा डॉ. वर्निका शर्मा ने बाल श्रम के मुद्दे को उठाते हुए कहा बच्चों की सुरक्षा के लिए क़ानूनों की सख़्त जागरूकता और पालन की आवश्यकता है। उन्होंने रक्षक बुक जैसी नवाचारी पहलों का उल्लेख करते हुए और विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम में बाल विकास को शामिल करने पर ज़ोर देते हुए उन्होंने “युवा कौशल और माता कौशल” विकसित करने की आवश्यकता है, ताकि समुदायों का भविष्य सुरक्षित हो सके।


उरला इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्विन गर्ग ने प्रशिक्षण केंद्रों, कौशल विकास और सीएसआर फंड्स के विवेकपूर्ण उपयोग की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने भौतिक ढाँचे से इतर मानव विकास पर भी काम करने की वकालत की।


शारदा एनर्जी के सीएसआर हेड सुरेंद्र लांजेवार ने कहा सरकार के सहयोग से सीएसआर की भूमिका बेहतर होगी। उन्होंने इसमें गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन, स्वास्थ्य सेवा में नेतृत्व, युवाओं और खेलों का विकास तथा क्षेत्रवार परिवर्तनकारी पहलों की अहमियत की बात बताई।


कार्यक्रम में उद्योग विभाग के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित जिला ट्रेड एवं इंडस्ट्री सेंटर के जनरल मेनेजर हेमेश देवांगन ने एक प्रस्तुतिकरण से युवा 2.0 योजना को उद्योग जगत से जोड़ते हुए कहा कि नियोक्ता के जरुरत के अनुसार मानव संसाधन को तैयार करने हेतु युवाओं को प्रशिक्षित किया जायेगा ताकि आपके और युवाओं के बीच विशेषज्ञता को लेकर कोई रूकावट न हो पाय।


इन्हें दिया गया अवार्ड –

कॉरपोरेट श्रेणी

  1. सरदा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड – कैटेगरी 1 एवं बालिका शिक्षा (आदर्श बाल ग्राम)
  2. जेके लक्ष्मी सीमेंट लिमिटेड, मालपुरी खुर्द – कौशल और उद्यमिता विकास
  3. नूविस्टा लिमिटेड (नुवोको) – नुवो मेसन स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम
  4. एबिस एक्सपोर्ट्स (इंडिया) प्रा. लि. – पहल पोषण की
  5. अल्ट्राटेक, हिरमी सीमेंट वर्क्स – बाल शिक्षा और पोषण विकास
  6. अदानी सीमेंट | अदानी फाउंडेशन – कृषि और ग्रामीण विकास
  7. अविनाश ग्रुप – स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट (एसडीजी 11 की प्राप्ति हेतु)
  8. भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (बाल्को) – आकांक्षी ब्लॉक में समग्र विकास
  9. इंडियनऑयल अदाणी वेंचर्स – शैक्षिक विकास, स्वच्छ जल एवं स्वच्छता, तथा जलवायु परिवर्तन
  10. आरती स्पॉन्ज एंड पावर लिमिटेड – पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन
  11. गोडावरी पावर एंड इस्पात लिमिटेड (जीपीआईएल) – एकल विद्यालय (वनवासी क्षेत्र में)
  12. जयराम नेको इंडस्ट्रीज लिमिटेड – स्वास्थ्य, सुरक्षित पेयजल एवं स्वच्छता
    एनजीओ एवं व्यक्तिगत पुरस्कार
  13. इंजीनियर रज्जू कुमार, उप निदेशक – औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा – Natural Leader of the Year
  14. अंचल कुमार ओझा – Best Youth Leader
  15. सरिता दुबे – Best Women’s Safety Initiative of the Year (ConnectShe)
  16. डॉ. जया मिश्रा, अध्यक्ष, श्री गंगाजली शैक्षणिक सोसायटी, भिलाई – Best Women’s Safety Initiative of the Year (Education)
  17. विपिन ठाकुर – Young Leader Award
  18. वन बंधु परिषद – Best CSR Professional NGO of the Year
  19. अमर ज्योति द रूरल डेवलपमेंट सोसायटी – Best NGO of the Year (Work with SBCC)
  20. छत्तीसगढ़ एग्रीकॉन समिति – Best Mental Health Initiative of the Year
  21. प्रकृति सेवा संस्थान, बिलासपुर (छ.ग.) – Most Trusted NGO of the Year
  22. निदान सेवा परिषद – Best NGO of the Year (Work with SBCC)
  23. सृजन सामाजिक संस्था – Best NGO of the Year (Work with SBCC)
    इस अवसर पर लघु उद्योग भारती के संस्थापक सदस्यों को सम्मानित किया गया । सर्वप्रथम स्वर्गीय जी पी साबू के मरणोपरांत उनके पुत्र विनय साबू, दीपक भीमसरिया, गोपाल टावरी, स्व मदनलाल राठी के पुत्र और श्री मालावी जी को समानित किया गया।
    इससे पूर्व कार्यक्रम का उद्घाटन उक्त अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्ज्वलन करके किया गया। कार्यक्रम का मंच सञ्चालन अलायन्स के दुर्ग संभाग प्रमुख शरद श्रीवास्तव ने किया तथा आभार प्रकटीकरण अवार्ड की सचिव गायत्री सिंह ने की।
    कार्यक्रम में मुख्य रूप से गोदावरी इस्पात के डायरेक्टर दिनेश अग्रवाल, प्रताप अग्रवाल, प्रखर अग्रवाल, विनोद पिल्लई, संजय श्रीवास्तव(AVP), डॉ सी वी रमण यूनिवर्सिटी के कुल सचिव डॉ अरविन्द तिवारी, स्टेट हेल्थ रिसोर्स सेंटर के डायरेक्टर डॉ सुशील उपाध्याय, अल्ट्राटेक के प्रशासनिक प्रमुख रणजीत सिंह नैनवाल, माय भारत के डिप्टी डायरेक्टर अर्पित तिवारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थें ।
    Think – So CSR नामक त्रैमासिक पत्रिका का हुआ विमोचन
    इस अवसर पर Think – So CSR नामक त्रैमासिक पत्रिका लांच हुआ । इस पत्रिका में केंद्र सरकारों के नीतिगत निर्णयों से जुड़े समाचार से से उद्योग को नवीन और प्रामाणिक जानकारी दी गई है। इसमें सी एस आर के प्रोजेक्ट निर्माण की तकनीकि जानकारी, सफल कहानी, सी एस आर कार्यों का सतत विकास लक्ष्य (SDG) के प्रति लक्ष्य प्राप्ति के बिंदु, छत्तीसगढ़ और अन्य प्रांत में क्षेत्रवार समस्याओं का अध्ययन और समाधान पर धयान केंद्रित कराना तथा अनौपचारिक ट्रेनिंग कोर्स की जानकरी दी जाती रहेगी। इसे मुख्य अतिथि और CSIDC के चेयरमैन राजीव अग्रवाल सहित अतिथियों ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान मैट्स यूनिवर्सिटी के सामजिक कार्य विभाग के विभागध्यक्ष डॉ दीनानाथ द्वारा लिखित पुसक का भी विमोचन कराया गया।
    छत्तीसगढ़ का पहला सीएसआर अवॉर्ड
    यह राज्य का पहला ऐसा मंच होगा, जहां समाज परिवर्तन और सतत विकास की दिशा में कार्य करने वाले उद्योगों और संगठनों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा। इस अवॉर्ड का उद्देश्य उन उद्योगों और कंपनियों को प्रोत्साहित करना है, जिन्होंने सीएसआर के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण उन्नति जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

थिंक-सो प्लेटफॉर्म की पृष्ठभूमि

थिंक-सो प्लेटफॉर्म की शुरुआत 20 मई 2024 को नज समिट 2.0 में एनआईटी रायपुर से हुई थी। उस अवसर पर नीति आयोग के अतिरिक्त मिशन निदेशक आनंद शेखर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। इसी मंच पर थिंक-सो इम्पैक्ट अवॉर्ड की घोषणा की गई थी। प्लेटफॉर्म का उद्देश्य है – सीएसआर फंड का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करना, सी एस आर के प्रोजेक्ट को सामाजिक एवं व्यवहार परिवर्तन संचार के अवयवों को ध्यान में रखते हुए बनाना तथा दूरस्थ और वंचित समुदायों तक विकास के लाभ पहुँचाना।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें –
मनीष सिंह – 9340294209

SARITA DUBEY

बीते 24 सालों से पत्रकारिता से जुड़ी है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही है।
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