Nari Shakti: कंपनी सचिव के रूप में निभाई बेहतर भूमिका : ललिता डी. गुप्ते

भारत की पहली अधिकृत और पंजीकृत महिला कंपनी सेक्रेट्री ललिता गुप्ते थीं। उन्होंने 1970 के दशक में इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया से कंपनी सेक्रेट्री की योग्यता हासिल की और इस क्षेत्र में पहला स्थान दर्ज करके इतिहास रचा। 1970 के दशक में देश में महिलाओं की प्रोफेशनल भागीदारी सीमित थी। अधिकांश महिलाएं पारंपरिक भूमिकाओं में ही नजर आती थीं, और व्यापारिक क्षेत्र, विशेष रूप से कॉरपोरेट क्षेत्र में उनकी उपस्थिति नगण्य थी।

कंपनी सेक्रेट्रीशिप जैसे तकनीकी और कानूनी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी तो और भी कम थी। ऐसे में ललिता डी. गुप्ते का इस क्षेत्र में प्रवेश करना और पहली अधिकृत और पंजीकृत महिला कंपनी सेक्रेट्री बनना एक क्रांतिकारी कदम था। उनकी उपलब्धि ने महिलाओं के लिए इस पेशे में रास्ता खोला, बल्कि कॉरपोरेट गवर्नेंस और प्रोफेशनल क्षेत्र में उनकी भूमिका को मजबूत किया।

मुंबई स्थित जमनालाल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज से सीधे भर्ती हुईं गुप्ते ने अपना कॅरियर आईसीआईसीआई लिमिटेड में प्रोजेक्ट अप्रेजल विभाग में प्रशिक्षु के रूप में 1971 में शुरू किया था। इस कंपनी का बाद में आईसीआईसीआई बैंक में विलय हो गया। उन्होंने विभिन्न स्थानों और पदों पर कार्य किया और आईसीआईसीआई के शेयर को न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कराने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनकी इस उपलब्धि का डंका पूरी दुनिया में बज गया था।

गुप्ते को 2001 में आईसीआईसीआई बैंक का संयुक्त प्रबंध निदेशक बनाया गया और साथ ही उन्हें बैंक के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय परिचालन का प्रभारी भी बनाया गया। मई 2007 में गुप्ते को फिनिश मोबाइल फोन की दिग्गज कंपनी नोकिया के बोर्ड में शामिल किया गया। कॉर्पोरेट क्षेत्र में उनके योगदान को व्यापक रूप से सराहा गया है।

गुप्ते को वर्ष 1997 में इंडियन मर्चेंट्स चैंबर की महिला विंग द्वारा वित्त और बैंकिंग के लिए इक्कीसवीं सदी का पुरस्कार, वर्ष 2001 में महिला स्नातक संघ की ओर से महिला अचीवर्स पुरस्कार और अंतरराष्ट्रीय महिला संघ द्वारा वर्ष की सर्वश्रेष्ठ महिला पुरस्कार मिल चुका है। गुप्ते को फॉर्च्यून पत्रिका ने ‘अंतरराष्ट्रीय व्यापार की पचास सबसे शक्तिशाली महिलाओं में से एक’ के रूप में सूचीबद्ध किया था। 22 जून 2010 को उन्हें एल्सटॉम के निदेशक मंडल का सदस्य नियुक्त किया गया।

SARITA DUBEY

बीते 24 सालों से पत्रकारिता से जुड़ी है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही है।
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