महतारी वंदन योजना से जुड़े 5888 हितग्राहियों की रकम अटकी, मची खलबली

महतारी वंदन योजना के तहत कई हितग्राहियों को राशि ट्रांसफर नहीं हो रही है। ऐसे में परेशान महिलाओं को नए नियमों का पालन करना होगा..

धमतरी के 2 लाख 25 हजार 645 हितग्राहियों को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है। हर महीने इनके खाते में 1000 रूपए की राशि क्रेडिट हो रही है। नए नियम के तहत योजना के लाभार्थियों का ई-केवायसी अपडेट होना जरूरी है। धमतरी जिले में 5888 हितग्राहियों के महतारी वंदन की राशि खतरे में है। इन हितग्राहियों ने अब तक ई-केवायसी अपडेट नहीं कराया है। ई-केवायसी नहीं होने के चलते उक्त महिलाएं महतारी वंदन योजना के लाभ से वंचित हो सकते हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि समय पर महिलाएं ई-केवायसी करा लेती हैं तो पूर्व की तरह योजना का लाभ मिलते रहेगा।

2,36,719 महिलाओं ने किया था आवेदन

धमतरी जिले में 5 मार्च 2024 से महतारी वंदन योजना शुरू हुई। योजना के तहत कुल 2,36,719 महिलाओं ने आवेदन किया था। 563 अपात्र पाए गए। सत्यापन में 2,35,507 महिलाएं पात्र पाई गईं। सालभर में 2478 हितग्राही की मृत्यु हो चुकी है। धमतरी जिले में 6312 ऐसी महिला हितग्राही है, जिन्हें संबंधित सीएससी सेंटरों में जाकर ई-केवायसी अपडेट कराना अनिवार्य है। इनकी सूची विभाग ने आंगनबाड़ी केन्द्रों को दे दी है।

5888 हितग्राहियों ने नहीं कराया केवायसी

ग्रामीण क्षेत्र के 4998 और शहरी क्षेत्र के 1314 हितग्राहियों को ई-केवायसी कराना है। अब तक सिर्फ 424 हितग्राहियों ने अपना ई-केवायसी अपडेट कराया है। करीब 5888 हितग्राही अभी ई-केवायसी कराने के लिए शेष है। अक्टूबर महीने में 2 लाख 25 हजार 645 हितग्राहियों को कुल 22 करोड़ 56 लाख 52 हजार रूपए जारी किया किया गया है। यह राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से हितग्राहियों के खाते में दी गई। नवंबर महीने में भी इतने ही हितग्राहियों को राशि जारी की गई है। सीएससी डिस्ट्रिक्ट मैनेजर विनय गिरी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में 200 और शहरी क्षेत्र में 30 सीएससी सेंटर को जिम्मेदारी दी गई है। हितग्राही इन सेंटरों में जाकर अपना ई-केवायसी करा सकते हैं।

नाम के स्पेलिंग में मिसमैच, हो रही परेशानी

इधर सीएससी सेंटरों में ई-केवायसी कराने के लिए हितग्राहियों को आधार कार्ड, पैन कार्ड और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, आधार से लिंक बैंक पास बुक की जरूरत पड़ रही है। कई हितग्राहियों के आधार कार्ड में नाम, पता और नाम के स्पेलिंग मिसमैच हैं, इसलिए उन्हें ई-केवायसी कराने में परेशानी हो रही है। ऐसे हितग्राही ई-केवासयी कराने के पूर्व आधार सेवा केन्द्रों में आधार कार्ड में नाम की स्पेलिंग सुधरवाने आवेदन कर रहे हैं।

अधिकांश हितग्राहियों की राशि नहीं आई

महतारी वंदन योजना के तहत नवंबर महीने की प्रोत्साहन राशि अनेक हितग्राहियों के खाते में नहीं आई है। इसे लेकर महिलाएं भी चिंतित हैं। ऐसी महिलाएं बैंक, च्वाईस सेंटर पहुंचकर जानकारी ले रही है, लेकिन यहां भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा। अधिकारी राशि नहीं आने को लेकर सही जानकारी नहीं दे पा रहे। स्टेट बैंक पहुंची कौशिल्या निर्मलकर, संतोषी साहू, परमिला गंगबेर ने कहा कि नवंबर महीने की राशि नहीं आई है। उनके गांव में कई महिलाओं के खातों में प्रोत्साहन राशि नहीं आई है। पता करने पहले च्वाईस सेंटर गए, तो उन्होंने बैंक में पता करने कहा। बैंक के अधिकारी भी सही जवाब नहीं दे पा रहे।

राहत: दोपहर 3 बजे से चालू हुआ पोर्टल

हितग्राही महिलाओं को ई-केवायसी कराने की जानकारी मिलते ही वे च्वाईस सेंटरों में पहुंच रही है। पखवाड़ेभर से पोर्टल बंद था। मंगलवार को ही पोर्टल चालू हुआ। इससे हितग्राही सहित च्वाईस सेंटर संचालकों ने भी राहत की सांस ली है। संचालकों का कहना है कि पोर्टल खुल तो गया है, लेकिन सर्वर बेहद स्लो है। सर्वर स्लो के चलते फाइल अपलोड नहीं हो रहा है। इस समस्या को जल्द से जल्द दूर करनी चाहिए।

सभी हितग्राही को ई-केवायसी कराना जरूरी नहीं

शहरी सहित ग्रामीण क्षेत्रों के हितग्राहियों में अभी भी ई-केवायसी कराने, नहीं कराने को लेकर सस्पेंस है। यही वजह है कि महिलाएं बैंक और च्वाईस सेंटर पहुंच रही है। पखवाड़ेभर से सैकड़ों महिलाएं भटक रही हैं। सहायक परियोजना अधिकारी महेश मरकाम ने कहा कि सभी हितग्राहियों को ई-केवायसी कराने की जरूरत नहीं है। केवल जिन हितग्राहियों का ई-केवायसी अपडेट नहीं है, उन्हें ही ई-केवायसी कराना है।

SARITA DUBEY

बीते 24 सालों से पत्रकारिता से जुड़ी है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही है।
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