Nari Shakti: मां बोलीं- बेटी देश के लिए खिताब जीत इतिहास रचेगी

नई दिल्ली. किसी भी माता-पिता के लिए इससे बड़ी खुशी क्या होगी कि उनकी बेटी विश्व कप में खेले और टीम की कप्तानी करे। मैं चाहती हूं कि मेरी बेटी देश के लिए खिताब जीते और इतिहास रचकर पूरे देश का नाम रौशन करे।…ये कहना है भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम की कप्तान ज्योति सिंह की मां माधुरी सिंह का, जो अपनी बेटी के कप्तान बनने पर काफी खुश हैं और जिन्हें भारतीय टीम की सफलता का पूरा भरोसा है। गौरतलब है कि ये विश्व कप चिली के सैटियागो में 01 से 13 दिसंबर तक खेला जाएगा और पूल-सी में शामिल भारतीय टीम अपने अभियान का आगाज नामीबिया के खिलाफ करेगी।

विश्व कप को लेकर कोई दबाव नहीं है

झांसी निवासी ज्योति की मां माधुरी ने कहा, विश्व कप को लेकर ज्योति पर किसी तरह का कोई दबाव नहीं है। भारतीय टीम के कोच तुषार खांडेकर लगातार उसको प्रोत्साहित और मार्गदर्शन करते हैं। माधुरी ने कहा, विश्व कप एक बहुत बड़ा मंच है, जहां खेलने के लिए हर ​खिलाड़ी उत्साहित रहता है और ज्योति भी अपना सौ फीसदी देने के लिए तैयार है। हमें भी उम्मीद है कि जूनियर एशिया कप के बाद अब हमारी बेटी जूनियर विश्व कप की ट्रॉफी के साथ स्वदेश लौटेगी। हम बस प्रार्थना कर रहे हैं कि वह अपने प्रशंसकों और कोच के भरोसे पर खरी उतरे।

भारत के सामने जर्मनी-आयरलैंड की कड़ी चुनौती

भारतीय महिला क्रिकेट टीम के वनडे विश्व कप जीतने के बाद अब एक और भारतीय महिला टीम दुनिया के सामने अपना दम दिखाने को तैयार है। अब भारत की हॉकी टीम चिली के सैंटियागो में 25 नवंबर से शुरू होने जा रहे जूनियर विश्व कप में खिताब जीतने का लक्ष्य लेकर उतरेगी। सोमवार को हॉकी इंडिया ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के लिए 20 सदस्यीय भारतीय जूनियर टीम की घोषणा की। भारतीय टीम की अगुवाई ज्योति सिंह करेंगी। भारतीय टीम को पूल-सी में जर्मनी, आयरलैंड और नामीबिया के साथ रखा गया है, जिसमें उसे सबसे ज्यादा सतर्क जर्मनी और आयरलैंड से रहना है जो इस खेल में भारतीय टीम से मजबूत दिखती है।

SARITA DUBEY

बीते 24 सालों से पत्रकारिता से जुड़ी है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही है।
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