पेट्रोल-डीजल की कमी! धमतरी में दो दिनों से नहीं हो रही सप्लाई, लोगों की बढ़ी परेशानी

Dhamtari Petrol Crisis: अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़े अमेरिका-ईरान तनाव का असर अब जिले में भी दिखने लगा है। गैस सप्लाई प्रभावित होने के बाद अब धमतरी में पेट्रोल और डीजल की कमी शुरू हो गई है। शहर और हाईवे के कई पेट्रोल पंपों पर स्टॉक खत्म होने की स्थिति बन गई है। कुछ पंपों ने बिक्री बंद कर दी है, जबकि कई जगह सीमित मात्रा में ही ईंधन दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वाहन कम उपयोग करने की अपील के बाद लोगों में चिंता और बढ़ गई है।
Dhamtari Petrol Crisis: दो दिनों से सप्लाई बंद
जिले में करीब 80 पेट्रोल पंप संचालित है। किसी के पास रिजर्व कोटा का पेट्रोल-डीजल है, तो कई पेट्रोल पंप सूखे जैसे हालत से गुजर रहे हैं। रत्नाबांधा चौक स्थित पेट्रोल पंप में दो दिन से पेट्रोल-डीजल की सप्लाई बंद है। इसी तरह नगरी रोड के भोयना के पास स्थित पेट्रोल पंप में भी पेट्रोल और डीजल नहीं थे। जिले के कई अन्य पेट्रोल पंपों में भी काफी कम मात्रा में पेट्रोल-डीजल बचे थे। अधिकांश पेट्रोल पंप रिजर्व कोटे पर चल रहे हैं। यही स्थिति रही तो पेट्रोल पंपों में मारामारी की स्थिति हो सकती है। इधर संचालकों का कहना है कि पहले रोज टैंकर आ रहे थे। अब 4 से 5 दिन में टैंकर पहुंच रहा है।
बाहरी ट्रांसपोर्टरों पर निर्भर
पंप संचालकों का कहना है कि जिनके पास निजी टैंकर हैं, उन्हें कुछ राहत मिल रही है, लेकिन बाहरी ट्रांसपोर्टरों पर निर्भर पंपों को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। देमार स्थित दंतेश्वरी पंप के संचालक प्रियेश अग्रवाल ने भी सप्लाई में भारी गिरावट की बात ह कही है। लोग भविष्य की अनिश्चितता को देखते हुए ज्यादा मात्रा में पेट्रोल-डीजल खरीद रहे हैं। इसी के चलते स्टाक तेजी से खत्म हो रहा है।
रिजर्व स्टॉक से चल रहा काम
बस्तर रोड स्थित पेट्रोल पंप के संचालक सौरभ नंदा ने बताया कि सप्लाई कम होने के कारण ट्रांसपोर्ट में देरी हो रही है। वहीं सेहराडबरी स्थित बालाजी एचपी पंप के संचालक टीडी सिन्हा के अनुसार आखिरी टैंकर 8 मई को आया था और अब स्टॉक खत्म होने की स्थिति है। कालटेक्स एचपी पंप के संचालक ने बताया कि फिलहाल डीजल रिजर्व स्टॉक से दिया जा रहा है।
कंपनी खपत के आधार पर सीमित सप्लाई भेज रही है। उन्होंने बताया कि 12 मई को 10201 लीटर डीजल की सप्लाई हुई थी। 13 मई सुबह 6 बजे की स्थिति में 7201 लीटर डीजल की खपत हो गई है। 3000 लीटर डीजल रिजर्व में रखा गया है। यह डीजल केवल सरकारी वाहन और एंबुलेंस के लिए रिजर्व में रखा गया है। उनके पास पेट्रोल का पर्याप्त स्टाक है।
एक व्यक्ति को 200 लीटर तक ही मिल रहा डीजल
पेट्रोल पंप संचालक ऋषि लुनावत ने बताया कि फिलहाल स्थिति संभालने की कोशिश की जा रही है। एहतियात के तौर पर एक व्यक्ति को 200 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं दिया जा रहा। पेट्रोल भी केवल वाहनों में ही भरा जा रहा है, ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी रोकी जा सके।











