SECR की पुरुष टीम फिर बनी क्रॉस कंट्री चैंपियन
SECR men's team becomes cross-country champion again.

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की पुरुष वर्ग टीम लगातार दूसरी बार बनी क्रॉस कंट्री चैंपियन
व्यक्तिगत स्पर्धा में हरीश ने हासिल किया दूसरा स्थान, विश्व रेलवे क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप के लिए भी चयनित
बिलासपुर । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने खेलों के क्षेत्र में एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए 57वीं अखिल भारतीय अंतर-रेलवे क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप 2026 में पुरुष वर्ग का खिताब लगातार दूसरी बार अपने नाम किया है। यह प्रतियोगिता दक्षिण पश्चिम रेलवे (SWR) स्पोर्ट्स एसोसिएशन, हुब्बली, कर्नाटक द्वारा आयोजित की गई, जिसमें दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की पुरुष एवं महिला टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की पुरुष टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त कर अपना चैंपियन खिताब बरकरार रखा। विजेता टीम में हरीश, प्रिंस राज यादव, प्रिंस राज मिश्रा, अंकित देसवाल, रवि एवं दिनेश ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का प्रतिनिधित्व किया। व्यक्तिगत स्पर्धा में हरीश ने दूसरा तथा प्रिंस राज यादव ने पांचवां स्थान हासिल करते हुए टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
महिला वर्ग में भी दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। मुन्नी देवी, अंजली पटेल, निकिता लांबा, हिमांशी मलिक एवं शोभा यादव की टीम ने प्रतियोगिता में पांचवां स्थान प्राप्त किया।
इस शानदार उपलब्धि पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे क्रीड़ा संघ के पदाधिकारियों तथा अधिकारियों ने सभी खिलाड़ियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए आगामी प्रतियोगिताओं में भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के धावक श्री हरीश का चयन विश्व रेलवे क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप के लिए भी हुआ है। उनकी इस उपलब्धि पर भी क्रीड़ा संघ एवं दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे परिवार ने उन्हें अग्रिम शुभकामनाएं दी हैं।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की पुरुष टीम की लगातार दूसरी बार इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में चैंपियन बनने की उपलब्धि से रेलवे के खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं अधिकारियों में हर्ष का माहौल है। यह सफलता दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में खेल प्रतिभाओं को निरंतर मिल रहे प्रोत्साहन और खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, अनुशासन एवं उत्कृष्ट खेल भावना का परिणाम है।











