हर बच्चा अपने सपनों को बिना डर या झिझक पूरा करे

चंडीगढ़. मैं चंडीगढ़ की जाह्नवी जिंदल, मेरे लिए स्केटिंग सिर्फ एक खेल नहीं, एक जुनून, एक सपना है। जब मैं छोटी थी, तब शहर में फ्रीस्टाइल स्केटिंग का कोच नहीं था। मेरी उम्र शायद 7-8 साल रही होगी लेकिन मैंने ठान लिया था कि मुझे स्केटिंग करनी है। ऐसे में मेरे पापा जिन्हें खुद स्केटिंग का अनुभव नहीं था, ने मुझसे वादा किया कि वह मुझे खुद सिखाएंगे। पापा ने इंटरनेट से स्केटिंग की बेसिक टेक्निक्स सीखी और फिर मुझे ट्रेंड करना शुरू किया।

वह घंटों-घंटों तक वीडियो देखकर नई-नई स्केटिंग तकनीकों को समझते और फिर मुझे सिखाते। कई बार पापा गिरते थे, कई बार मैं गिर जाती थी, लेकिन दोनों ने कभी हार नहीं मानी। हमें विश्वास था कि एक दिन हम यह कर पाएंगे। यहीं से मेरी यात्रा शुरू हुई और आज मैं यहां हूं, जहां मैंने कभी सोचा भी नहीं था। मेरे पापा का आत्मविश्वास और उनका समर्थन मेरे लिए सबसे बड़ी ताकत रहा है। वह हमेशा कहते हैं कि अगर तुम्हारे पास कुछ नहीं है, तो उसे हासिल करने की राह खुद बनानी पड़ेगी।

स्केटिंग को भारतीय संस्कृति से जोड़ा

मैंने हमेशा सोचा था कि क्यों न अपनी कला और संस्कृति को एक मंच पर लाकर दुनिया के सामने लाऊं? इसलिए मैंने स्केटिंग को भारतीय संस्कृति से जोड़ा। अपनी स्केटिंग की रूटीन में मैंने भांगड़ा और योग को भी शामिल किया। यह न सिर्फ मेरे स्केटिंग स्टाइल को अनोखा बनाता था, बल्कि यह मेरे अंदर की भारतीयता को भी दर्शाता था, यही मेरी स्केटिंग का अनोखा पहलू बन गया। अब मैं दुनिया की पहली स्केटर हूं, जो स्केट्स पहनकर भांगड़ा करती है साथ ही, योग के आसनों को भी स्केट्स पर करती है।

बनाए 11 रेकॉड्र्स

मैंने स्केटिंग में 11 गिनीज वल्र्ड रेकॉड्र्स अपने नाम किए हैं। इनमें इनलाइन स्केट्स पर 30 सेकंड में सबसे अधिक 360 डिग्री घूमना- 32 बार। इनलाइन स्केट्स पर एक मिनट में सबसे ज्यादा 360 डिग्री घूमना-47 बार। इनलाइन स्केट्स पर 30 सेकंड में सबसे अधिक 180 डिग्री ट्रांजिशन- 8 बार। दो पहियों पर इनलाइन स्केट्स से 20 कोन स्लैलम सबसे तेज-8.85 सेकंड आदि शामिल हैं।

SARITA DUBEY

बीते 24 सालों से पत्रकारिता से जुड़ी है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही है।
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