भारत के सबसे तेज धावक अनीमेश कुजुर ने रचा इतिहास, बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान, वित्त मंत्री ने शेयर किया वीडियो

ग्रीस के वारी शहर में 5 जुलाई 2025 में आयोजित ड्रोमिया इंटरनेशनल स्प्रिंट मीट में 100 मीटर दौड़ को 10.18 सेकंड में पूरा कर दुनिया को चौंकाने वाले छत्तीसगढ़ के अनीमेश कुजुर ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। प्रतिभाशाली युवा एथलीट अनीमेश कुजुर ने रांची में आयोजित नेशनल फेडरेशन सीनियर एथलेटिक्स चौंपियनशिप 2026 में पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में 10.15 सेकेंड का नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाकर इतिहास रच दिया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे प्रदेश में हर्ष और गौरव का वातावरण है। अनीमेश कुजुर की इस ऐतिहासिक सफलता पर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
वित्त मंत्री ने शेयर किया वीडियो
वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि अनीमेश ने अपनी मेहनत, अनुशासन और समर्पण से न केवल नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवा खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ की नई पहचान बना रहे हैं। चौधरी ने कहा कि अनीमेश कुजुर की यह उपलब्धि राज्य के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह सिद्ध करती है कि प्रतिभा एवं निरंतर प्रयास के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि समस्त छत्तीसगढ़वासियों को अनीमेश पर गर्व है तथा विश्वास है कि वे आने वाले समय में भी देश और प्रदेश का नाम नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते रहेंगे।

इससे पहले हासिल की थी बड़ी उपलब्धि
युवा एथलीट अनीमेश कुजुर ने इससे पहले 5 जुलाई की रेस में बड़ी उपलब्धि हासिल की थी। वह दक्षिण अफ्रीका के बेंजामिन रिचर्डसन (10.01 सेकंड) और ओमान के अली अल बलूशी (10.12 सेकंड) के बाद तीसरे स्थान पर रहे। ड्रोमिया में हुई इस रेस में भले ही अनिमेष तीसरे स्थान पर रहे हों, लेकिन उन्होंने भारत में अब तक की सबसे तेज़ 100 मीटर दौड़ पूरी करके अपना नाम शीर्ष पर पहुंचा दिया है। इससे पहले ये रिकॉर्ड गुरइंदरबीर सिंह के नाम था।
प्रतियोगिता से पहले कही थी ये बात
अनिमेष ने प्रतियोगिता से ठीक एक दिन पहले कहा था कि वह जानते हैं कि 100 मीटर का क्वालिफिकेशन मार्क बहुत कठिन है, इसलिए उनका मुख्य फोकस 200 मीटर पर है, जो उनका पसंदीदा इवेंट है। वहीं दूसरी ओर, गुरिंदरवीर ने इस कड़े क्वालिफिकेशन मार्क को एक चुनौती और प्रेरणा के रूप में लिया था। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि मार्क भले ही कठिन है, लेकिन जब बेहतरीन एथलीट एक साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं, तो वे एक-दूसरे को और आगे धकेलते हैं. यही कठिन समय उन्हें अतिरिक्त प्रेरणा देता है। भले ही गुरिंदरवीर आज 0.01 सेकंड से चूक गए हों, लेकिन कल होने वाले फाइनल मुकाबले में उनके पास क्वालीफाई करने का एक और शानदार मौका होगा। बता दें कि छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के आदिवासी गांव घुइतांगर के रहने वाले हैं। लगातार उनकी उपलब्धि से प्रदेश का नाम रोशन हुआ है।











