Education News: अब भविष्य गढ़ने की नई लड़ाई, कक्षा-3 से होगी एआई की पढ़ाई

नई दिल्ली. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को कक्षा-3 से ही सिखाने की तैयारी कर रही है। अप्रैल 2026 से देश के करीब 31,000 स्कूलों में तीसरी क्लास और इससे आगे के बच्चों के लिए ऐसा करिकुलम शुरू हो सकता है, जिसमें वे घटाव, गुणा, भाग, पठन बोध, व्याकरण और वाक्य रचना सीखने के साथ लैंग्वेज मॉडल, चैटबॉट प्रॉम्प्ट सहित जनरेटिव एआई भी सीखेंगे।
नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार शिक्षा मंत्रालय इस पहल को स्किल इंडिया इकोसिस्टम से जोड़कर देशभर में लागू करने की तैयारी कर रहा है। शिक्षकों के लिए एआई टूल्स से पाठ योजनाएं तैयार करने वाले पायलट प्रोजेक्ट पहले से चल रहा है। अभी 18,000 से अधिक सीबीएसई स्कूलों में कक्षा 6 से 15 घंटे का एआई मॉड्यूल पढ़ाया जा रहा है, वहीं 9वीं-12वीं में यह एक वैकल्पिक विषय है। 2024-25 में करीब 8 लाख छात्रों ने एआई विषय को चुना।
हाल में आई नीति आयोग की रिपोर्ट ‘रोडमैप फॉर जॉब क्रिएशन इन द एआई इकोनॉमी’ के मुताबिक, एआई से करीब 20 लाख पारंपरिक तकनीकी नौकरियां खत्म हो सकती हैं, वहीं 80 लाख नई नौकरियां भी पैदा होंगी। आयोग ने नेशनल एआई टैलेंट मिशन शुरू करने का सुझाव दिया है। इसमें एआई साक्षरता को बुनियादी स्किल बनाना। एआई से जुड़े जॉब्स के लिए तैयार करना और भारत को ग्लोबल एआई टैलेंट हब बनाने के लक्ष्य शामिल हैं।











