पुण्यतिथि विशेष: निरूपा रॉय ने 300 से ज्यादा फिल्मों में किया अभिनय, मां के किरदार में पहली पसंद..

बॉलीवुड की दुनिया में कुछ चेहरे ऐसे होते हैं जो अपनी अदाकारी से दिलों में अमिट छाप छोड़ जाते हैं। ऐसी ही एक मशहूर अभिनेत्री थीं निरूपा रॉय, जिन्हें हम सब बॉलीवुड की मां के नाम से जानते हैं। उनकी मां वाली भूमिका ने उन्हें घर-घर पहचान दिलाई और वे हर दर्शक के लिए मां बन गईं। 1975 में रिलीज हुई फिल्म दीवार में अमिताभ बच्चन की मां का रोल निभाकर उन्होंने अपनी खास पहचान बनाई। उस वक्त से लेकर अपने करियर के अंत तक, निरूपा रॉय ने मां के किरदार को ही अपनाया और बॉलीवुड में अपनी एक अलग जगह बनाई।

ऑडिशन में पति हो गए विफल

उनका जन्म 4 जनवरी 1931 को गुजरात के वलसाड में हुआ था। उनका असली नाम कांता चौहान था। महज 14 साल की उम्र में उनकी शादी कर दी गई। शादी के बाद वे अपने पति कमल रॉय के साथ मुंबई आ गईं। कमल का सपना था कि वे फिल्मों में एक्टर बनें, लेकिन उनके प्रयासों में उन्हें सफलता नहीं मिली। कमल ने पत्नी के लिए भी फिल्मी कॅरियर में संभावनाओं के बारे में सोचा और दोनों ने एक गुजराती फिल्म रणकदेवी के लिए ऑडिशन दिया। कमल को रिजेक्ट और निरूपा को लीड रोल ऑफर हुआ।

धार्मिक एवं ऐतिहासिक फिल्में

शुरुआती दौर में निरूपा ने ज्यादातर धार्मिक और ऐतिहासिक फिल्मों में काम किया। वे हर हर महादेव, रानी रूपमती, और नागपंचमी जैसी फिल्मों में देवी के रोल में नजर आईं। इन किरदारों की वजह से दर्शक उन्हें देवी मानने लगे थे। धीरे-धीरे उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी जगह बनाई और सामाजिक फिल्मों में भी काम किया। उनकी फिल्म दो बीघा जमीन को फिल्म इतिहास में एक मील का पत्थर माना जाता है, जिसमें उन्होंने शानदार अभिनय किया था।

ममता एवं प्यार

पांच दशकों में उन्होंने करीब 300 फिल्मों में काम किया। शुरुआत में वे लीड एक्ट्रेस के रूप में काम करती थीं, लेकिन मां के किरदार ने उन्हें अलग पहचान और सम्मान दिलाया। उन्होंने अपने किरदारों में जो ममता, दर्द, और प्यार दिखाया, वह हर दिल को छू गया। 13 अक्टूबर 2004 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी मां वाली भूमिका एक मिसाल है।

क्वीन ऑफ मिसरी

1975 में आई फिल्म दीवार से लेकर 1990 के दशक तक उन्होंने कई फिल्मों में मां के किरदार निभाए। अमर अकबर एंथोनी, खून पसीना, मुकद्दर का सिकंदर, सुहाग, इंकलाब, गिरफ्तार, मर्द, और गंगा-जमुना-सरस्वती में यादगार भूमिका निभाई। इसकी वजह से उनको बॉलीवुड की क्वीन ऑफ मिसरी भी कहा जाता था।

SARITA DUBEY

बीते 24 सालों से पत्रकारिता से जुड़ी है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही है।
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