मुमुक्षु प्रिया छाजेड़ ने सांसारिक जीवन का त्याग कर ली दीक्षा, वरघोड़े में उमड़ा पूरा शहर

बेमेतरा. साजा के प्रतिष्ठित जैन परिवार की लाडली बेटी मुमुक्षु प्रिया छाजेड़ सांसारिक जीवन का त्याग कर संयम, त्याग और तपस्या के मार्ग पर अग्रसर हो गईं। रविवार को दीक्षा पूर्व नगर में भव्य वरघोड़ा यात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु और नागरिक शामिल हुए। वरघोड़े में पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे और साजा विधायक ईश्वर साहू भी उपस्थित रहे और मुमुक्षु प्रिया को शुभकामनाएं दीं। 20 वर्ष की अल्पायु में प्रिया ने सांसारिक मोह-माया त्यागकर वैराग्य और आत्मकल्याण का कठिन मार्ग चुना है। उनकी भगवती दीक्षा आगामी दिनों में राजस्थान के देशनोक में पूज्य गुरु आचार्यों के सान्निध्य में संपन्न होगी। गृह नगर साजा में प्रिया का वरघोड़ा नगरवासियों के लिए आस्था और भावनाओं का अनूठा क्षण बन गया।
आंबेडकर भवन से निकला वरघोड़ा
रविवार की सुबह आंबेडकर भवन से बैंड-बाजे और जयकारों के साथ वरघोड़ा यात्रा प्रारंभ हुई। साज-श्रृंगार से सुसज्जित रथ पर सवार प्रिया छाजेड़ ने हाथ जोड़कर नगरवासियों का अभिवादन स्वीकार किया। नगर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए वरघोड़े का जगह-जगह पुष्पवर्षा और अभिनंदन किया गया। यात्रा के दौरान पूरे नगर में धर्म, भक्ति और उल्लास का माहौल देखने को मिला।

कार्यक्रम में सर्व समाज की रही सहभागिता
इस दौरान राज्यभर से आए जैन समाज के श्रद्धालु सहित स्थानीय स्तर पर माहेश्वरी, ब्राह्मण, लोधी, साहू, यादव व राजपूत समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। नगरवासियों ने इसे आध्यात्मिक पर्व की तरह मनाया। नगर का हर मार्ग धार्मिक गीतों और संयम के नारों से गूंजता रहा।











