नीतीश कुमार के ही मुख्यमंत्री बनने के आसार, सरकार गठन की तैयारियां तेज

नई दिल्ली. बिहार में एनडीए की विजय के बाद अगले सप्ताह सरकार गठन की तैयारियां तेज होंगी। पहले गठबंधन में शामिल पांचों दल अलग-अलग बैठकें करेंगे, फिर एनडीए की सामूहिक बैठक में मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगेगी। चुनाव में भले ही भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन नीतीश कुमार के ही फिर मुख्यमंत्री बनने के आसार हैं। मुख्यमंत्री पद जदयू को मिलेगा तो भाजपा को मंत्री पद ज्यादा मिलेंगे।
सूत्रों का कहना है कि एक ही सूरत में भाजपा अपना सीएम बना सकती है, अगर खुद नीतीश इसकी पहल करें। नीतीश अगर पार्टी के खेवनहार के रूप में किसी नेता को आगे की राजनीति के लिए स्थापित करना चाहेंगे तो उसे डिप्टी सीएम बनाने का दांव चल सकते हैं। भाजपा-जदयू गठबंधन के समय ही नीतीश के ही मुख्यमंत्री होने की बात तय हो गई थी। हालांकि काडर को साधने के लिए भाजपा ने चुनाव की शुरुआत में सीएम पर सस्पेंस रखा लेकिन बाद में साफ कर दिया कि उनका ही नेतृत्व रहेगा। चुनाव में भारी जीत में नीतीश के प्रति सहानुभूति भी एक फैक्टर रहा। जेडीयू पिछली बार की 43 सीटों के बुरे प्रदर्शन से उबरते हुए करीब दोगुनी 85 सीटें जीतने में सफल रहीं। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि बिहार में सीटों अधिक गठबंधन धर्म मायने रखता है। नेतृत्व नीतीश का ही रहेगा।

यूपी चुनाव, ओबीसी फैक्टर पर भी नजर
नीतीश के सीएम बनने से जहां विपक्ष के सामाजिक न्याय की लड़ाई कुंद पड़ जाएगी, वहीं यूपी चुनाव में कुर्मी मतदाताओं में भी बड़ा संदेश जाएगा। यूपी में ओबीसी में यादवों के बाद सबसे ज्यादा कुर्मी मतदाता है। ऐसे में भाजपा की राजनीति के लिहाज से नीतीश का चेहरा फिट बैठता है। वहीं बिहार के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि एक दो दिन में गठबंधन के सभी पांचों दल अपने-अपने नेता का चयन करेंगे। फिर संयुक्त विधायक दल की बैठक में एनडीए का नेता चुनेंगे। एक-दो दिन में भाजपा विधायकों की बैठक हो सकती है।
नीतीश से गर्मजोशी से मिले चिराग पासवान
जीत के बाद नीतीश के आवास पर हलचल बढ़ गई और नई सरकार पर मंथन शुरू हो गया। केंद्रीय मंत्री और एलजेपीआरवी के प्रमुख चिराग पासवान ने नीतीश से मिलकर बधाई दी। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, रामनाथ ठाकुर, जेडीयू के संजय झा, विजय चौधरी ने नीतीश से मुलाकात की।











