एसआईआर का खौफ…चोरी से आए, चुपके से लौट रहे

कोलकाता. मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बाद पहचान छुपाकर देश में रह रहे घुसपैठियों में खौफ है। सीमावर्ती राज्य पश्चिम बंगाल से इनके लौटने का सिलसिला तेज हो गया है। मंगलवार को उत्तर 24 परगना जिले के हाकिमपुर चेक पोस्ट से करीब 500 बांग्लादेशी अपने देश लौट गए। बीएसएफ अधिकारियों की पूछताछ में इन 500 लोगों ने स्वीकार कर लिया कि वे अवैध रूप से भारत में घुसे थे। उनके पास वीजा, पासपोर्ट या पहचान पत्र नहीं है।
इनमें कुछ लोगों ने बताया कि वे पश्चिम बंगाल के बिराती, मध्यमग्राम, राजरहाट, न्यू टाउन और साल्ट लेक इलाकों में घरेलू सहायक, दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम कर रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि इस महीने की शुरुआत में लौट रहे 100 बांग्लादेशियों में कई एक दशक से यहां किराए पर रहकर घरेलू सहायक का काम कर रहे थे। इन्होंने कहा, एसआईआर ने मुश्किल बढ़ा दी।
इसलिए भाग रहे हैं घुसपैठिए
बीएसएफ अधिकारी ने कहा कि सभी सीमा पार करने की कोशिश करने वालों के पास वैध पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेज नहीं होते। वही लोग अवैध तरीके से पार करने की कोशिश करते हैं, जिनके पास कोई दस्तावेज नहीं होता। कई लोग वर्षों पहले रोजगार के लिए आए थे। अब एसआइआर या पुलिस सत्यापन से डर रहे हैं। हम यह नहीं मान सकते कि अवैध रूप से सीमा पार करने वाला हर व्यक्ति केवल मजदूर है। वह अपराध करके भाग रहा हो सकता है या कोई कट्टरपंथी या आतंकी तत्व भी हो सकता है।











