DGP-IG कॉन्फ्रेंस में जिमीकांदा, डुबकी कढ़ी व टमाटर चटनी पहली पसंद.. गुजराती, पंजाबी, राजस्थानी व्यंजनों का तड़का

कहते हैं दिल का रास्ता पेट से होकर गुजरता है और राजधानी के बड़े होटल इस कहावत को डीजीपी कॉन्फ्रेंस के लिए पूरी गंभीरता से निभा रहे हैं। कॉन्फ्रेंस में देशभर से आए अफसरों की पसंद का ख्याल रखते हुए शहर के स्टार होटलों में जायके के लिए वीआईपी मेन्यू तैयार किया गया है। इसमें देशभर के राज्यों के व्यंजनों की खुशबू बिखर रही है।

होटलों में इंडियन क्यूजीन एक्सपर्ट तैनात

छत्तीसगढ़ी पकवान के साथ गुजराती, राजस्थानी, यूपी, बिहार, पंजाबी, महाराष्ट्रीयन और साउथ इंडियन व्यंजनों की खुशबू होटलों में बिखर रही है। होटल प्रबंधनों ने वीवीआईपी सम्मेलन के लिए इंडियन क्यूजीन एक्सपर्ट तैनात किए हैं, ताकि हर राज्य के मेहमानों को उनकी पसंद का स्वाद मिल सके। होटल मैनेजरों के मुताबिक जब भी कोई बड़ा इवेंट होता है।

पहले से मेन्यू तैयार

अलग-अलग प्रदेशों से आने वाले अतिथियों को अपने राज्य के भोजन की कमी न महसूस हो, इसके लिए पहले से मेन्यू तैयार कर उनकी पसंद के अनुसार पकवान बनाए जाते हैं। चूंकि इस समारोह में प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सहित देशभर के डीजीपी, खुफिया विभाग के आला अधिकारी पहुंच चुके हैं। इसलिए उनके लिए वीआईपी मेन्यू भी तैयार किया गया है।

कुछ अधिकारियों के शेफ भी राज्यों से पहुंचे

जानकारी के मुताबिक कुछ राज्यों के चुनिंदा आला अधिकारियों के लिए उनके शेफ भी पहुंचे हैं। उन्हें पकवान बनाने के लिए रखा गया है, वहीं शहर के बड़े होटलों व रिसोर्ट में राष्ट्रीय संस्थानों से पासआउट शेफ कार्यरत हैं।

हर किसी की पसंद का ख्याल

वीआईपी चौक स्थित होटल के मैनेजर ने बताया कि वीवीआईपी के दौरे के दौरान उनकी पसंद-नापसंद का विशेष याल रखा जाता है। इसके लिए विशेष टीम तैनात की जाती है। डीजी कांफ्रेंस के कई अधिकारी वीआईपी रोड स्थित होटल में भी रुके हैं। उनकी पसंद के पकवान बनाए जा रहे हैं।

जिमीकांदा, डुबकी कढ़ी व टमाटर चटनी भी

तेलीबांधा स्थित होटल के मैनेजर ने बताया कि मेहमानों को मेन्यू भेजकर उनकी मार्किंग ली जाती है और उसी के अनुसार व्यंजन तैयार होते हैं। वहीं, लाभांडी स्थित होटल के मैनेजर ने कहा कि दूसरे राज्यों से आने वाले मेहमानों में स्थानीय खाने को लेकर जिज्ञासा रहती है, इसलिए छत्तीसगढ़ी पकवान को हमेशा प्राथमिकता दी जाती है। इसमें डुबकी कढ़ी, जिमीकांदाा, लाल भाजी, पालक भाजी और टमाटर की चटनी शामिल है। चौसीला, फरा नाश्ते के रूप में तैयार रहेगा। छत्तीसगढ़ में 50 से अधिक भाजियां देशभर में प्रसिद्ध हैं। यह भाजियां भी अफसरों की थालियों में विशेष रूप से शोभा बढ़ाएंगी।

होटलों में इनकी तैयारी जरूरी

राज्य- पसंदीदा पकवान

गुजरात: ढोकला, फाफड़ा-जलेबी, थाली में दाल-ढोकली

राजस्थान: दाल,बाटी, चूरमा, केर-सांगरी, घेवर

पंजाब: मखन वाला सरसों का साग, अमृतसरी कुलचा, छोले-भटूरे, लस्सी

उत्तरप्रदेश: बनारसी कचौड़ी, तवा बिरयानी, कचौड़ी-जलेबी

कर्नाटक: मैसूर पाक, नीर दोसा

केरल: पुट्टू कडला, केरल परोटा, फिश करी

तमिलनाडु: इडली-डोसा, सांभर-बड़ा, पोंगल, चेट्टीनाड मसाला

SARITA DUBEY

बीते 24 सालों से पत्रकारिता से जुड़ी है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही है।
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