बस्तर में हर घर नल के लिए सीएम साय ने केंद्र से मांगे 1300 करोड़ रुपए

जल जीवन मिशन 2.0 के तहत शुक्रवार को केन्द्र और राज्य के बीच एमओयू हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल की वर्चुअल मौजूदगी में अधिकारियों ने एमओयू पर हस्ताक्षर कर एक्सचेंज किया। इस दौरान सीएम ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल सुविधा को और बेहतर बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री से 1300 करोड़ रुपए की विशेष स्वीकृति का आग्रह भी किया। इस स्वीकृति से 70 समूह जल प्रदाय योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के 3 हजार से अधिक गांवों तक पेयजल पहुंचाने में मदद मिलेगी।
पेयजल व्यवस्था मजबूत करने ऐतिहासिक पहल
सीएम ने कहा, राज्य की ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में यह पहल ऐतिहासिक है। हर घर जल के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए जल जीवन मिशन 2.0 के तहत हुए एमओयू से इन कार्यों में गति मिलेगी। पीएम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 10 मार्च 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन के विस्तारित चरण, जल जीवन मिशन 2.0 को मंजूरी दी है। इस चरण में जल सेवा वितरण प्रणाली को मजबूत करने के साथ-साथ जनभागीदारी को भी तय किया जाएगा। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश टोप्पो सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
ग्राम पंचायतों को मिलेंगे सशक्त अधिकार
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा, इस एमओयू के बाद छत्तीसगढ़ में पाइप लाइन एवं संरचनाओं के माध्यम से प्रत्येक घर में पानी की पहुंच तय होगी। उन्होंने कहा, ग्राम पंचायतों को इसके तहत सशक्त अधिकार प्राप्त होंगे और इन संरचनाओं के रख रखाव के लिए वे जिम्मेदार होंगे। जिला प्रशासन के जरिए पंचायत के कार्यों पर निगरानी रखी जाएगी और आवश्यकता होने पर सहायता भी करेंगे।











