US-Iran सीजफायर के बाद LPG को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, इनको मिलेगी बड़ी राहत

LPG News: मंगलवार की रात को अमेरिकी और ईरान के बीच सीजफायर की घोषणा हो गई है. सीजफायर की घोषणा होते ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोल दिया गया है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, वह रास्ता है. जहां से दुनियाभर के लिए तेल-गैस की सप्लाई होती है. यह रास्ता बंद होने की वजह से कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगी थीं. भारत में भी एलपीजी को लेकर संकट मंडराने लगा था. सीजफायर के बाद केंद्र सरकार ने एलपीजी को लेकर बड़ा फैसला लिया है.
देशभर में एलपीजी की किल्लत को देखते हुए सरकार ने सप्लाई का नया फॉर्मूला तय किया है. सरकार ने सभी प्रदेशों को पहले ही पैक्ड नॉन-डोमेस्टिक एलपीजी का 70 प्रतिशत आवंटन कर चुकी है. जिसमें 10 प्रतिशत एलपीजी का आवंटन उन राज्यों में किया जाएगा. जहां पर पीएनजी से जुड़े सुधार लागू होंगे. सरकार के अनुसार, जो राज्य पीएनजी इंफ्रास्टक्चर को बढ़ावा देगा. उनको ज्यादा गैस मिलेगी.

सरकार ने दिए निर्देश?
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को तीन निर्देश दिए हैं. जिसके अनुसार, नैचुरल गैस एंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रिब्यूशन ऑर्डर 2026 को सभी संबंधित विभागों तक पहुंचाया जाए. इसके साथ ही 10 प्रतिशत रिफॉर्म-लिंक्ड LPG अलोकेशन का फायदा जल्द से जल्द उठाने के निर्देश दिए. कॉम्प्रैस्ड बायोगैस यानी CBG से जुड़ी राज्य नीति को जल्द से जल्द नोटिफाई करने का निर्देश दिया है.
इन सेक्टर्स को मिलेगी भरपूर एलपीजी
सरकार ने एलपीजी के लिए अपनी क्राइटेरिया तय की है. जिसके अनुसार, फार्मा, फूड, यूरेनियम, हेवी वाटर, पॉलीमर, एग्रीकल्चर, पैकेजिंग, मेटल, केरेमिक, पेंट, स्टील, बीज, फॉन्ड्री, फॉर्गिंग और ग्लास जैसे सेक्टर्स को भारी मात्रा में एलपीजी देने का फैसला किया है. इन सेक्टर्स में जितनी गैस मार्च 2026 से पहले खपत होती थी. उसकी करीब 70 प्रतिशत LPG अभी भी मिलेगी. सरकार का मानना है कि अगर इन क्षेत्रों को एलपीजी नहीं दी जाएगी, तो लोगों के रोजमर्रा की जरूरतों पर असर पड़ सकता है.











