महतारी वंदन पर बड़ा अपडेट, फिर ई-केवाईसी हुआ अनिवार्य, प्रशासन ने कहा- घबराने की जरूरत नहीं

महतारी वंदन योजना के तहत लाभ ले रहीं महिलाओं के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया गया है। शासन ने इसके लिए 30 जून तक की अंतिम तिथि निर्धारित की है। जिले में करीब 2 लाख 54 हजार महिलाएं इस योजना का लाभ ले रही हैं, जिनमें से 2 लाख 40 हजार 996 महिलाओं का नाम ई-केवाईसी कराने वाली सूची में शामिल है।
बैंकों के चक्कर काट रही महिलाएं
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से जैसे ही इसकी जानकारी महिलाओं तक पहुंची, केंद्रों पर भीड़ उमडऩे लगी है। बड़ी संख्या में महिलाएं आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज लेकर आंगनबाड़ी, सीएससी सेंटर, नगर निगम कार्यालय और बैंकों के चक्कर काट रही हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि लाभार्थियों को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ई-केवाईसी के लिए अभी पर्याप्त समय उपलब्ध है।

मास्टर ट्रेनर देंगे प्रशिक्षण
ई-केवाईसी प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए रायपुर से आए मास्टर ट्रेनरों ने जिले के सीएससी संचालकों को प्रशिक्षण दिया है। प्रशिक्षित संचालकों को आईडी-पासवर्ड जारी कर दिया गया है, जिससे वे अब लाभार्थियों का ई-केवाईसी कर सकेंगे। जल्द ही अन्य केंद्रों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
सर्वर समस्या से काम प्रभावित
कुछ सीएससी संचालकों के अनुसार फिलहाल ई-केवाईसी सर्वर में तकनीकी दिक्कत है, जिसे एक-दो दिनों में सुधार लिया जाएगा। इसके बाद प्रक्रिया सामान्य रूप से शुरू हो जाएगी।
पारदर्शिता के लिए जरूरी कदम
शासन ने विभिन्न योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य किया है, ताकि केवल पात्र हितग्राहियों को ही लाभ मिल सके और अपात्र नाम हटाए जा सकें। हालांकि इसके लिए लाभार्थी महिलाओं को लाइन में खड़ा होना पड़ेगा।
जिला अधिकारी, गुरप्रीत कौर ने कहा कि महतारी वंदन लेने वाली महिलाओं के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य किया गया है, लेकिन इसके लिए घबराने की जरूरत नहीं 30 जून तक समय है। इस बीच हितग्राहियों को योजना का लाभ भी मिलते रहेगा।











