आलू के दामों में भारी गिरावट, थोक में 7 रुपए प्रति किलों

रायपुर। आलू का इस बार देश भर में डेढ़ गुना उत्पादन होने के साथ ही इसका इस बार खाड़ी देशों में जाना बंद होने के कारण इसके दाम बरसों बाद थोक में 7 रुपए हो मुताबिक 20 साल से ज्यादा हो गए, लेकिन पहले कभी इतने कम दाम नहीं रहे हैं। दाम कम होने से कमाई भी नहीं हो रही है। बंगाल से आलू 4.00 से 4.50 रुपए में आ रहा है, 2.50 रुपए भाड़ा ही लग जा रहा है। ऐसे में सात रुपए में ही गए हैं। थोक कारोबारियों के बेचना पड़ रहा है क्योंकि लेवाली भी कम है। एक तरफ जहां थोक में दाम कम हैं, वहीं चिल्हर में लूट है। ग्राहकों से 15 से 20 रुपए वसूले जा रहे हैं। अपने राज्य में आलू बंगाल और उप्र से आते हैं। रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग में ज्यादातर बंगाल के आलू पसंद किए जाते हैं।

बिलासपुर और सरगुजा संभाग में आलू का उत्पादन ज्यादा हुआ

बिलासपुर और सरगुजा संभाग में उप्र के आलू ज्यादा चलते हैं। आलू का उत्पादन करने वाले इन दोनों राज्यों में इस बार फसल बहुत ज्यादा हुई है। फसल बीते साल से इस बार डेढ़ गुना होने के कारण इसकी कीमत बहुत कम हो गई है। कारोबारियों के मुताबिक किसानों को जहां भारी नुकसान हो रहा है, वहां कारोबारियों की कमाई भी चौपट हो गई है।

चिल्हर में दाम डबल

एक तरफ जहां थोक में दाम सात से आठ रुपए हैं, वहीं चिल्हर में कोई माई-बाप नहीं है। चिल्हर में इसके दाम डबल और इसके भी ज्यादा हैं। जहां शास्त्री बाजार जैसी सब्जी मंडी में इसके दाम 15 रुपए किलो हैं, वहीं शहर की अन्य सब्जी मंडियों के साथ ही ठेलों में बेचने वाले इसको 20 रुपए किलो में बेच रहे हैं।

SARITA DUBEY

बीते 24 सालों से पत्रकारिता से जुड़ी है इस दौरान कई बडे अखबार में काम किया और अभी वर्तमान में पत्रिका समाचार पत्र रायपुर में अपनी सेवाए दे रही हैं। महिलाओं के मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रही है।
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