छत्तीसगढ़ को पिछले 5 सालों में पीडीएस में मिली 35,000 करोड़ की सब्सिडी

रायपुर. सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बुधवार को लोकसभा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राशन आपूर्ति को पुख्ता करने संबंधी सवाल उठाया। सांसद बृजमोहन ने खाद्य उपभोक्ता मामलों की राज्य मंत्री नींबु बेन बामनिया से पूछा कि पीडीएस प्रणाली में लीक प्रूफ आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार के कार्यों का अब तक ब्योरा क्या है।
साथ ही पीडीएस सिस्टम में अब तक देशभर में कितनी शिकायत दर्ज कराई गई है। जिस पर मंत्री बामनिया ने बताया कि 2021 से 2025 के दौरान सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत देशभर में 30,014 शिकायत संघ राज्यक्षेत्र को प्रेषित की गई है। मंत्री बामनिया के अनुसार, सार्वजानिक वितरण प्रणाली के माध्यम से खाद्यान्न की पहुंच प्रभावशीलता और लीक प्रूफ आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार की डिजिटल पहलुओं के अंतर्गत सभी राज्यों व संघ राज्य क्षेत्र में राशनकार्ड लाभार्थी डेटाबेस का 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण किया जा चुका है। वर्तमान में 99. 9 प्रतिशत राशनकार्ड आधार से जोड़े जा चुके हैं तथा 99. 2 प्रतिशत लाभार्थियों की आधार सीडिंग पूर्ण हो चुकी है। छत्तीसगढ़ को पिछले 5 सालों में 35000 करोड़ की सब्सिडी प्रदान की गई है।
मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 82.18 लाख राशनकार्ड प्रचलित है। इन राशनकार्डों में पंजीकृत सदसस्यों की संख्या 2.73 करोड़ हैं। केन्द्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के वास्तविक हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने के उददेश्य से ई-केवाईसी का कार्य निरंतर जारी है। अब तक कुल पंजीकृत सदस्यों का 2.3 करोड़ यानी 85 प्रतिशत सदस्यों का ई-केवाईसी का काम पूर्ण हो चुका है। वास्तविक रूप से लगभग 30.32 लाख सदस्यों का ई-केवायसी के लिए शेष है।
राज्य में 14 हजार 40 दुकानें संचालित
छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 14,040 शासकीय उचित मूल्य की दुकानें संचालित हो रही हैं और पंजीकृत राशन कार्डधारियों द्वारा अपनी पसंद के उचित मूल्य की दुकानों से राशन प्राप्त कर रहे हैं। वर्ष 2025 की अनुमानित जनसंख्या के अनुसार 89 प्रतिशत जनसंख्या का कवरेज हो रहा है।











