हौंसले के दम पर एक पैर से एवरेस्ट पर फहराया तिरंगा

दिव्यांगता कभी भी सफलता में बाधा नहीं बनती। हौसला हो तो हर क्षेत्र में सफलता मिल जाती है। एवरेस्ट पर तिरंगा फहरा चुकी धमतरी के एक्जेक्ट फाउंडेशन (दिव्यांगजन आवासीय विद्यालय) की 18 साल की छात्रा चंचल सोनी लगातार सफलता के झंडे गाड़ रही है। 7 वीं पैरा राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में चंचल ने गोल्ड, सिल्वर, ब्रांज सहित 5 मैडल पर कब्जा जमाया है। यह प्रतियोगिता 30 जनवरी से 2 फरवरी तक पंजाब में आयोजित की गई थी। चंचल ने 50 मीटर रेंज व्यक्तिगत स्पर्धा में सिल्वर और 30 मीटर रेंज में ब्रांज मैडल पर कब्जा जमाया है। मिक्स टीम (गल्र्स-ब्वायज) जोड़ी में ब्रांज, ओलंपिक राउंड में सिल्वर मैडल प्राप्त जीता। साथ ही संयुक्त महिला टीम स्पर्धा में चंचल सोनी और श्यामकुमारी की जोड़ी ने राजस्थान को हराकर गोल्ड मैडल पर कब्जा जमाया है।
डांस में भी चंचल है एक्सपर्ट
14 साल की उम्र में वर्ष-2021 में चंचल ने नेपाल के एवरेस्ट बेस कैम्प फतह कर विश्व कीर्तिमान बना चुकी है। सबसे कम उम्र के केटेगिरी में यह रेकाॅर्ड बना था। चंचल ने 5364 मीटर की चढ़ाई की थी। इसके साथ ही चंचल एक पैर से शानदार डांस भी कर लेती है। कई सरकारी मंचों में वह अपनी प्रस्तुति से लोगों को चौका चुकी है। चंचल ने कहा कि शुरू में लोग उसे डेढ़ गोड़ी (डेढ़ पैर वाली) बोलकर चिढ़ाते थे। उस समय लगता था कि जीवन बेकार है, लेकिन दिव्यांग आवासीय विद्यालय (एक्जेक्ट फाउंडेशन) में आने के बाद छुपी प्रतिभा बाहर आई। सफलता पर एक्जेक्ट फाउंडेशन की अध्यक्ष लक्ष्मी सोनी, कोच व उपाध्यक्ष देवश्री जोशी, सचिव रूबी कुर्रे, कोषाध्यक्ष शशि त्यागी ने शुभकामनाएं दी है।

टोमन ने गोल्ड और सिल्वर पर कब्जा जमाया
पंजाब में आयोजित इस तीरंदाजी स्पर्धा में बालोद जिले के ग्राम अहिबरन नवागांव के टोमन कुमार ने भी गोल्ड व सिल्वर मैडल पर कब्जा जमाया है। व्यक्तिगत स्पर्धा में सिल्वर और टीम स्पर्धा में अमित कीर्तनिया के साथ मिलकर स्वर्ण पदक जीता। टोमन सीआरपीएफ के जवान रह चुके हैं। वर्ष-2017 में नक्सल ऑपरेशन के दौरान आईईडी ब्लास्ट में उन्होंने अपना बायां पैर खो दिया। टोमन ने हार नहीं मानी और तीरंदाजी खेल से जुडक़र अपनी उपलब्धि साबित की है।











