RTE की सीटों में बढ़ोतरी, पहली क्लास में मिलेगा प्रवेश, 31 मार्च तक कर सकते हैं आवेदन

निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम आरटीई के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 में 54 हजार 824 सीटों में प्रवेश दिए जाएंगे। शासन की ओर से आरटीई प्रवेश केवल कक्षा पहली निर्धारित की गई है। पिछले वर्ष कक्षा पहली में केवल 9375 सीटों का प्रकटीकरण किया गया था, जो वर्ष 2026-27 में बढ़कर 19 हजार 489 हो गया है। वर्ष 2025-26 में राज्य की निजी शालाओं में आर.टी.ई. अंतर्गत केजी-2 में अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या 35 हजार 335 है, जो आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा पहली में प्रवेश करेंगे।
गलत जानकारी पर लगेगा लगाम
इस प्रकार वर्ष 2026-27 में कक्षा पहली में कुल 54 हजार 824 बच्चों को प्रवेश मिलेगा। वही अब आर.टी.ई. सीटों का निर्धारण यू-डाइस पोर्टल पर दर्ज गत वर्ष की कक्षा पहली की प्रविष्ट संख्या के आधार पर किया जा रहा है। इससे निजी शालाओं द्वारा नोडल अधिकारियों को दी जाने वाली गलत अथवा भ्रामक जानकारी पर अंकुश लगा है। साथ ही, इस निर्णय से स्तरहीन निजी शालाओं के संचालन पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
हुआ बड़ा बदलाव
पहले की व्यवस्था में नर्सरी, केजी-1 और कक्षा पहली, तीनों को प्रवेश कक्षा माना जाता था। यही लचीलापन कई निजी स्कूलों द्वारा गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा था। बड़ी और नामी प्राइवेट स्कूल नर्सरी को प्रवेश बिंदु बताकर उसकी क्षमता कम दर्शाती थीं। इसी आधार पर वे सिर्फ उतनी ही 25% RTE सीटें घोषित करती थीं। जबकि वास्तविकता में वही स्कूल कक्षा पहली में 4-5 सेक्शन चलाते थे और बड़ी संख्या में सामान्य छात्रों को प्रवेश देते थे।
RTE सीटों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
नए नियमों का असर तुरंत दिखने लगा है। पिछले वर्ष कक्षा पहली में 9375 RTE सीटें घोषित हुई थीं। वर्ष 2026-27 के लिए यह बढ़कर 19,489 सीटें हो गई हैं। इसके अलावा वर्ष 2025-26 में निजी स्कूलों में RTE अंतर्गत 35,335 बच्चे केजी-2 में अध्ययनरत थे। ये सभी 2026-27 में कक्षा पहली में प्रवेश करेंगे। इस प्रकार आगामी सत्र में कक्षा पहली में कुल 54,824 बच्चों को प्रवेश मिलेगा, जो पिछले वर्ष की 53,325 RTE सीटों से भी अधिक है. यह वृद्धि शासन की पारदर्शी नीति का प्रत्यक्ष परिणाम मानी जा रही है।











